दिल्ली में LPG गैस की सप्लाई सामान्य, अफवाहों से दूर रहने की सरकार ने दी चेतावनी

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में LPG गैस की सप्लाई को लेकर फैली अफवाहों के बीच दिल्ली सरकार ने स्थिति को पूरी तरह सामान्य बताया है। खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने 15 मार्च को कहा कि शहर में LPG की आपूर्ति स्थिर है और लोगों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि सरकार ने जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए 70 टीमों को तैनात किया है। इन टीमों का काम है पूरे शहर में बाजारों की निगरानी करना, गैस स्टॉक की जांच करना और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना।
संयुक्त टीमें कर रही हैं सप्लाई की निगरानी
दिल्ली सरकार ने गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करने और किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए संयुक्त जांच टीमें गठित की हैं। इन टीमों में पुलिस, वेट्स एंड मेजर्स विभाग और फूड एंड सप्लाई विभाग के अधिकारी शामिल हैं। मंत्री सिरसा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे शांति बनाए रखें और जरूरत से ज्यादा गैस खरीदने से बचें, ताकि सभी परिवारों को पर्याप्त सप्लाई मिल सके।

अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई का एलान
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी जनता से अफवाहों से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि ईरान में चल रहे संघर्ष के कारण वैश्विक ईंधन आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होने की खबरों के बावजूद दिल्ली में पर्याप्त गैस स्टॉक मौजूद है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कुछ लोग बेवजह डर का माहौल बना रहे हैं और यह राष्ट्रीय हित के खिलाफ है। सरकार ऐसी गतिविधियों पर कड़ी नजर रख रही है और गलत जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जरूरी क्षेत्रों और घरेलू उपभोक्ताओं के लिए खास व्यवस्था
सरकार ने अस्पतालों, स्कूल, रेस्टोरेंट और डेयरी जैसे जरूरी क्षेत्रों के लिए कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की नियंत्रित बिक्री शुरू की है। रोजाना लगभग 20 प्रतिशत यानी करीब 1,800 सिलेंडर प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराए जाएंगे। वितरण 19 किलो वाले सिलेंडरों के जरिए होगा और बुकिंग ‘पहले आओ–पहले पाओ’ के आधार पर की जाएगी। मंत्री सिरसा ने कहा कि संयुक्त टीमें इस पूरी व्यवस्था की निगरानी कर रही हैं। उन्होंने नागरिकों को भरोसा दिलाया कि दिल्ली में गैस की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है और सरकार हर परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।